संदर्भ — यह कथन हरिकृष्ण प्रेमी द्वारा लिखित नाटक “मातृभूमि का मान” से लिया गया है। इसमें महाराणा लाखा की प्रतिज्ञा और बूंदी के युद्ध से जुड़ी घटनाओं का वर्णन है।
क) उपर्युक्त कथन के वक्ता और श्रोता कौन हैं ? श्रोता का परिचय दीजिए ।
उत्तर — वक्ता अभय सिंह हैं और श्रोता महाराणा लाखा हैं। महाराणा लाखा चित्तौड़ के राजा थे और सूर्यवंश में जन्मे थे। वे बूंदी को अपने अधिकार में लेना चाहते थे।
ख) श्रोता ने कौन सी प्रतिज्ञा की थी और क्यों ?
उत्तर — महाराणा लाखा ने प्रतिज्ञा की कि बूंदी पर विजय प्राप्त किए बिना अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे, क्योंकि नोमिया के मैदान में हार से उन्हें बहुत दुख और अपमान हुआ था।
ग) राव हेमू और अभय सिंह के बीच क्या मतभेद था ?
उत्तर — राव हेमू बूंदी के स्वतंत्र शासक थे जबकि अभय सिंह मेवाड़ के सेनापति थे। अभय सिंह चाहते थे कि बूंदी मेवाड़ की अधीनता स्वीकार करे, लेकिन राव हेमू ने मना कर दिया।
घ) महाराणा लाखा को नोमिया के मैदान की हार पर इतना दुःख क्यों हुआ ?
उत्तर — उन्हें लगा कि इस हार से मेवाड़ के गौरव को ठेस पहुँची है। वे स्वयं को दोषी मानते थे और अपमान सहन नहीं कर पा रहे थे।
ड.) चारणी ने महाराणा लाखा को क्या सलाह दी और क्यों ?
उत्तर — चारणी ने नकली किला बनाकर उस पर आक्रमण करने की सलाह दी ताकि महाराणा की प्रतिज्ञा पूरी हो जाए और युद्ध से ज्यादा नुकसान भी न हो।
संदर्भ — यह कथन उसी नाटक के दूसरे भाग से लिया गया है जिसमें वीर सिंह की देशभक्ति और मातृभूमि के सम्मान की रक्षा का वर्णन है।
क) उपर्युक्त कथन के वक्ता कौन हैं ? इस युद्ध में उनकी क्या भूमिका थी और उन्होंने अपनी जन्मभूमि की रक्षा किस प्रकार की ?
उत्तर — वक्ता वीर सिंह हैं। वे बूंदी के वीर राजपूत थे। उन्होंने अपने साथियों के साथ नकली किले की रक्षा की और अंतिम सांस तक बहादुरी से लड़ते हुए मातृभूमि का सम्मान बचाया।
ख) नाटक के अंत में महाराणा लाखा के मन में क्या परिवर्तन आया ?
उत्तर — वीर सिंह के बलिदान को देखकर महाराणा लाखा का घमंड खत्म हो गया। उन्होंने समझा कि जो अपनी जन्मभूमि के लिए प्राण दे सकता है उसे अधीन करना गलत है, इसलिए उन्होंने एकता का सम्मान किया।
ग) इस नाटक के माध्यम से नाटककार हमें क्या संदेश देना चाहते हैं ?
उत्तर — नाटक हमें सिखाता है कि देशप्रेम सबसे बड़ा धर्म है। हमें अहंकार छोड़कर एकता, वीरता और त्याग से मातृभूमि का सम्मान बनाए रखना चाहिए।
घ) हमें जन्मभूमि के सम्मान की रक्षा क्यों करनी चाहिए ? अपने विचार लिखिए ।
उत्तर — जन्मभूमि हमें पहचान, जीवन और संस्कार देती है। इसलिए उसका सम्मान और रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
संदर्भ — यह अंश सोहनलाल द्विवेदी द्वारा रचित कविता “युगावतार गाँधी” से लिया गया है, जिसमें महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और प्रभाव का वर्णन किया गया है।
1. गाँधी जी का संक्षिप्त परिचय दें।
उत्तर — महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नेता और राष्ट्रपिता थे। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर (गुजरात) में हुआ। उन्होंने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से भारत को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2. किस ओर कौन चल पड़ते थे ?
उत्तर — गांधी जी का व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली था। वे जिस दिशा में चलते थे, करोड़ों लोग उनके पीछे चलने लगते थे।
3. गाँधी जी के आदर्शों को लोग किस प्रकार मानते हैं?
उत्तर — लोग गांधी जी के बताए रास्तों पर चलते थे। उनके विचारों का सम्मान करते थे और जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित होते थे।
4. गाँधी जी की आवाज भारतीय जनता की आवाज कैसे बन गई?
उत्तर — स्वतंत्रता आंदोलन के समय गांधी जी जो कहते थे, पूरा देश उसे मानता था। इसलिए उनकी आवाज जनता की आवाज बन गई।
संदर्भ — यह अंश कविता के दूसरे भाग से लिया गया है जिसमें गांधी जी के आदर्शों, अहिंसा और स्वतंत्रता आंदोलन का वर्णन है।
1. गाँधी जी ने किन लोगों को अभय दान दिया ?
उत्तर — गांधी जी ने अंग्रेजों के अत्याचार से डरे हुए लोगों को सत्य, प्रेम और अहिंसा का मार्ग दिखाकर उन्हें निडर बनाया।
2. गाँधी जी ने किस तरह के मंदिर का निर्माण किया और कैसे ?
उत्तर — उन्होंने मानवता और समानता का मंदिर बनाने की बात की। अपने विचारों से समाज की बुराइयों जैसे छुआछूत और भेदभाव को खत्म करने का प्रयास किया।
3. किसकी सेनाएँ गृहप्रयाण कर रही थीं और क्यों ?
उत्तर — अंग्रेजों की सेनाएँ वापस जा रही थीं क्योंकि गांधी जी के अहिंसा और सत्याग्रह के सामने उनका हिंसा का बल कमजोर पड़ गया था।
4. गाँधीजी को ‘युग-दृष्टा’ और ‘युग-स्रष्टा’ क्यों कहा गया है ?
उत्तर — उन्हें युग-दृष्टा इसलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने अहिंसा का सही मार्ग दिखाया। युग-स्रष्टा इसलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने नए युग की शुरुआत की और भारत को स्वतंत्रता दिलाने में योगदान दिया।
5. प्रस्तुत कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहते हैं ?
उत्तर — कवि कहना चाहते हैं कि हमें गांधी जी के सत्य, अहिंसा, प्रेम और शांति के मार्ग पर चलना चाहिए और देश के लिए कार्य करना चाहिए।